पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा चुनाव से पहले राज्यवासियों को एक बड़ा तोहफा दिया है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन (Pension) योजना के तहत अब राज्य के बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को ₹1100 प्रति माह की सहायता राशि मिलेगी, जो पहले सिर्फ ₹400 हुआ करती थी। इस बदलाव का असर सीधे तौर पर 1 करोड़ 11 लाख से अधिक लाभार्थियों पर पड़ा है, जिनके बैंक खातों में शुक्रवार 11 जुलाई को DBT के माध्यम से ₹1227.27 करोड़ की राशि ट्रांसफर की गई।
मुख्यमंत्री ने इसे एक ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि इस योजना का लाभ सभी 60 वर्ष से ऊपर के पुरुष और महिलाएं, विधवा महिलाएं और दिव्यांग व्यक्तियों को मिलेगा। सरकार की यह घोषणा जून 2025 से लागू कर दी गई है और अब हर माह की 10 तारीख को यह पेंशन (Pension) लाभार्थियों के खातों में स्वतः भेज दी जाएगी।

छह योजनाओं के तहत दी गई Pension, 14,678 करोड़ रुपये हुआ वार्षिक खर्च
सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत छह अलग-अलग स्कीम शामिल हैं, जिनमें से प्रत्येक समाज के कमजोर तबकों की सहायता के लिए तैयार की गई है। इन योजनाओं में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन, लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन, बिहार विकलांगता पेंशन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांगता पेंशन और मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना प्रमुख हैं।
इनमें सबसे ज्यादा लाभार्थी मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना (49.89 लाख) के हैं। इसके बाद इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन (35.57 लाख) और बिहार विकलांगता पेंशन (9.65 लाख) योजना आती है।
राज्य सरकार द्वारा दी गई यह राशि पहले की तुलना में तीन गुना अधिक है, जिससे पेंशन (Pension) योजना का वार्षिक व्यय 5469 करोड़ से बढ़कर अब 14,678 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

DBT से पारदर्शी व्यवस्था, बिचौलियों पर लगा पूर्ण विराम
इस योजना को लागू करने में सबसे बड़ी भूमिका डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली ने निभाई है। DBT के माध्यम से पेंशन (Pension) की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है, जिससे बिचौलियों और भ्रष्टाचार की संभावनाएं समाप्त हो गई हैं।
सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि वितरण हर महीने की 10 तारीख को समय पर हो।
बांका जिले में 2.36 लाख लाभार्थियों को 24.10 करोड़ रुपये और मुजफ्फरपुर जिले में 2.05 लाख लाभार्थियों को 22.62 करोड़ रुपये की राशि DBT के जरिए ट्रांसफर की गई। अन्य जिलों में भी इसी तरह बड़ी संख्या में लाभार्थी इस पेंशन लाभ से जुड़ रहे हैं।
नीतीश कुमार की सोशल मीडिया पर घोषणा, बताया सम्मानजनक जीवन का प्रयास
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने X (पूर्व ट्विटर) पर इस योजना की घोषणा करते हुए लिखा,
“राज्य में हर वर्ग को उनका हक और सम्मान देना हमारी प्राथमिकता रही है। यह कदम समाज के कमजोर वर्गों को सम्मानजनक जीवन जीने में मदद करेगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार हर जरूरतमंद तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
राजनीतिक संकेत भी गहरे, 2025 चुनाव से पहले रणनीतिक फैसला
इस योजना को केवल एक सामाजिक कल्याण योजना मानना पर्याप्त नहीं होगा। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले यह फैसला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का मास्टरस्ट्रोक है।
राज्य में करीब सवा करोड़ लोग अब हर महीने बढ़ी हुई पेंशन (Pension) का लाभ पा रहे हैं, जिससे एक बड़ा वोट बैंक सीधा प्रभावित हुआ है। इसका असर आने वाले चुनाव में निर्णायक हो सकता है।











